Shayari SMS

Ramadan Shayari

खुशिया नसीब हो जन्नत क़रीब हो

खुशिया नसीब हो जन्नत क़रीब हो,
तू चाहे जिसे वो तेरे क़रीब हो,
कुछ इस तरह हो करम अल्लाह का,
मक्का और मदीना की तुझे ज़ियारत नसीब हो…
रमज़ान मुबारक

Ramadan Shayari

चाँद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा

चाँद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा
इबादत से भर जाए रोज़ा तुम्हारा
हर नमाज़ हो कबूल आपकी
बस यही दुआ है खुदा से हमारी
आप सभी को रमज़ान मुबारक

Ramadan Shayari

कोई इतना चाहे तुम्हे तो बताना

कोई इतना चाहे तुम्हे तो बताना
कोई तुम्हारे इतने नाज़ उठाये तो बताना
रमज़ान मुबारक तो हर कोई कह देगा तुमसे
कोई हमारी तरह कहे तो बताना

Ramadan Shayari

रमज़ान का चाँद दिखा

रमज़ान का चाँद दिखा
रोज़े की दुआ मांगी
रोशन सितारा दिखा
आप की खैरियत की दुआ मांगी

Ramadan Shayari

कितनी जल्दी ये अरमान गुजर जाता है

कितनी जल्दी ये अरमान गुजर जाता है
प्यास लगती नहीं इफ्तार गुजर जाता है
हम सब गुनहगारों की मगफिरत करे अल्लाह
इबादत होती नहीं और रमज़ान गुज़र जाता है
रमज़ान की हार्दिक बधाई

Ramadan Shayari

रात को नया चाँद मुबारक

रात को नया चाँद मुबारक
चाँद को चांदनी मुबारक
सितारों को बुलंदी मुबारक
और आप सब को हमारी तरफ से
रमज़ान मुबारक

Ramadan Shayari

आसमां पे नया चाँद है आया

आसमां पे नया चाँद है आया
सारा आलम ख़ुशी से जगमगाया
हो रही है सहर-ओ-इफ्तार की तैयारी
सज रही है दुआओं की सवारी
पूरे हो आपके हर दिल के अरमान
मुबारक हो आप सब को प्यारा रमज़ान