Shayari SMS

Shikwa Shayari

जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए

जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए
जमाने में हुए चर्चे ,हम मशहूर हो गए

Shikwa Shayari

तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो

तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।

Shikwa Shayari

जहाँ दरिया कहीं अपने किनारे…

जहाँ दरिया कहीं अपने किनारे छोड़ देता है,
कोई उठता है और तूफाँ का रुख मोड़ देता है,
मुझे बे-दस्त-ओ-पा कर के भी खौफ उसका नहीं जाता,
कहीं भी हादसा गुज़रे वो मुझसे जोड़ देता है।
(बे-दस्त-ओ-पा = असहाय)

Shikwa Shayari

कभी उसने भी हमें चाहत…

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था;
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था;
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है;
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।