Shayari SMS

Khyaal Shayari

जाड़ों की गुनगुनी धूप…

जाड़ों की गुनगुनी धूप
गर्मियों की शामें
और बरसात की हरियाली
मुझे मायूस करते हैं
मैं कुछ खो सा जाता हूँ
फिर…
कभी तेरे ख्यालात
और कभी मेरे जज़्बात
हावी होते जाते हैं
फिर एक सावन आता है
सब कुछ बह सा जाता है
मुझे महसूस होता है
अगर मैं हूँ तो फिर क्यूँ हूँ
मन जाने क्या क्या कह जाता है
पर दर्द अनसुना सा रह जाता है ..।

Khyaal Shayari

मेरे वजूद में काश…

मेरे वजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आइना और तू नजर आये,
तू हो सामने और वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे यूँ ही
देखते हुए गुज़र जाए..।।

Khyaal Shayari

भरम रखो मोहब्बत का…

भरम रखो मोहब्बत का
वफ़ा की शान बन जाओ,
किसी पर जान देदो या
किसी की जान बन जाओ,
तुम्हारे नाम से मुझको
पुकारें ये जहान वाले…
मैं बन जाऊं अफसाना
और तुम उन्वान बन जाओ..।

Khyaal Shayari

कभी तुम भी नज़र आओ…

कभी तुम भी नज़र आओ,
सुबह से शाम तक हम को,
बहुत से लोग मिलते हैं,
निगाहों से गुज़रते हैं,
कोई अंदाज़ तुम जैसा,
कोई हमनाम तुम जैसा,
मगर तुम ही नहीं मिलते,
बहुत बेचैन फिरते हैं,
बड़े बेताब रहते हैं,
दुआ को हाथ उठते हैं,
दुआ में यह ही कहते हैं,
लगी है भीड़ लोगों की,
मगर इस भीड़ में “साक़ी”
कभी तुम भी नज़र आओ,
कभी तुम भी नज़र आओ…।

Khyaal Shayari

कच्ची दीवार हूँ…

कच्ची दीवार हूँ ठोकर ना लगाना मुझे,
अपनी नज़रों में बसा कर ना गिराना मुझे,
तुमको आँखों में तसव्वुर की तरह रखता हूँ,
दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझे।