Shayari SMS

Shikwa Shayari

जहाँ दरिया कहीं अपने किनारे…

जहाँ दरिया कहीं अपने किनारे छोड़ देता है,
कोई उठता है और तूफाँ का रुख मोड़ देता है,
मुझे बे-दस्त-ओ-पा कर के भी खौफ उसका नहीं जाता,
कहीं भी हादसा गुज़रे वो मुझसे जोड़ देता है।
(बे-दस्त-ओ-पा = असहाय)

Shikwa Shayari

कभी उसने भी हमें चाहत…

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था;
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था;
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है;
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।

Shikwa Shayari

दर्द देते हो खुद…

दर्द देते हो और खुद ही सवाल करते हो,
तुम भी ओ सनम, क्या कमाल करते हो,
देख कर पूछ लिया है हाल मेरा,
चलो शुक्र है कुछ तो ख्याल करते हो।

Shikwa Shayari

सुकून मिल गया मुझको…

सुकून मिल गया मुझको बदनाम होकर,
आपके हर एक इल्ज़ाम पे यूँ बेजुबान होकर।
लोग पढ़ ही लेंगें आपकी आँखों में मेरी मोहब्बत,
चाहे कर दो इनकार यूँ ही अनजान होकर ।

Shikwa Shayari

कायनात क्या मांगू…

बिछड़ गए हैं जो उनका साथ क्या मांगू,
ज़रा सी उम्र बाकी है इस गम से निजात क्या मांगू,
वो साथ होते तो होती ज़रूरतें भी हमें,
अपने अकेले के लिए कायनात क्या मांगू ।।